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पित्ताशय के पत्थर के लिए लैप्रोस्कोपिक तकनीक का लाभ
सामान्य सर्जरी लैप्रोस्कोपी / Jun 14th, 2017 12:45 pm     A+ | a-


पित्ताशय की थैली क्या है

पित्ताशय की थैली एक छोटी थैली है जो यकृत(liver) के ठीक नीचे होती है। पित्ताशय की थैली यकृत द्वारा उत्पादित पित्त को संग्रहित करके रखती है। भोजन के बाद, पित्ताशय की थैली खाली होती है, जैसे एक बिना हवा ​का गुब्बारा। भोजन से पहले, पित्ताशय की पित्त से भरा हो सकती है और एक छोटी नाशपाती के आकार में होती है।

सिग्नल्स के जवाब में, पित्ताशय की थैली पित्त को निकालती है और नलिकाओं की एक श्रृंखला के माध्यम छोटी आंत में पित्त को संग्रहीत करती है। पित्त वसा के पाचन में मदद करता है, लेकिन पित्ताशय की थैली इस प्रक्रिया में प्रमुख रूप से आवश्यक नहीं होती है। पित्ताशय की थैली को निकालने पर आमतौर पर स्वास्थ्य या पाचन के साथ कोई स्पष्ट समस्या नहीं होती है, फिर भी दस्त और वसा कुअवशोषण। का एक छोटा सा जोखिम हो सकता है।
 
पित्ताशय की थैली के पत्थर क्या हैं?

आपका पित्ताशय ऊपरी दाएं पेट में यकृत के नीचे एक छोटा सा अंग है, यह एक थैली है जो पित्त को स्टोर करती है, हरा-पीला तरल जो पाचन में मदद करता है। पित्त में बहुत ज्यादा कोलेस्ट्रॉल होने पर अधिकांश ये पत्थर बनते हैं।
 
इन पत्थरों के बनने का कारण क्या है?

हार्वर्ड हेल्थ पब्लिकेशंस के अनुसार, ये 80 प्रतिशत पत्थर कोलेस्ट्रॉल के बना होते है अन्य 20 प्रतिशत पत्थर कैल्शियम लवण और बिलीरुबिन से बने होते हैं।
यह ज्ञात नहीं है कि इन पत्थरों का गठन किस प्रकार करता है, हालांकि कुछ सिद्धांत हैं

पित्त में बहुत अधिक कोलेस्ट्रॉल का होना

आपके पित्त में ज्यादा कोलेस्ट्रॉल होने के कारण पाले रंग के कोलेस्ट्रॉल के पत्थर हो सकते हैं। ये कठिन रूप से विकसित हो सकते हैं यदि आपका यकृत कोलेस्ट्रॉल को अधिक बनाता है, इससे आपकी पित्त लुप्त भी हो सकती है।

पित्त में बहुत ज्यादा बिलीरुबिन का होना

बिलीरुबिन एक रासायनिक उत्पाद होता है, जब आपका यकृत पुरानी लाल रक्त कोशिकाओं को नष्ट कर देता है। कुछ स्थितियों में, जैसे कि यकृत की क्षति और कुछ रक्त विकार, आपका यकृत अधिक बिलीरुबिन पैदा करता है। जब आपके पित्ताशय की थैली अतिरिक्त बिलीरुबिन को तोड़ नहीं पाती है तो यह रंगद्रव्य पत्थरों का रूप ले लेतें हैं। ये पत्थर अक्सर गहरे भूरे या काले होते हैं।

पित्ताशय पूर्ण भरा होने के कारण केंद्रित पित्त

आपकी पित्ताशय की थैली को अपने पित्त को स्वस्थ रखने और ठीक से काम करने की आवश्यकता होती है। यदि यह अपनी पित्त सामग्री को खाली करने में विफल रहता है तो पित्त अधिक मात्रा में केंद्रित हो जाता है, जिससे पत्थरों का निर्माण होता है।

लक्षण

पित्त की थैली के पत्थर ऊपरी दाएं पेट में दर्द पैदा कर सकते हैं। समय-समय पर पित्ताशय की थैली का दर्द शुरू हो सकता हैं खासकर जब आप वसा वाले खाद्य पदार्थ खाते हैं, जैसे कि तला हुआ भोजन, यह दर्द आम तौर पर कुछ घंटों से ज्यादा नहीं रहता है।

आप यह भी अनुभव कर सकते हैं:
  • जी मिचलाना
  • उल्टी
  • गहरा मूत्र
  • मिट्टी के रंग का मल
  • पेट दर्द
  • दस्त
  • खट्टी डकार
इन लक्षणों को पित्त संबंधी पित्त संबंधी पेट के दर्द रूप में भी जाना जाता है।
 
 
पित्ताशय की थैली के पत्थर के उपचार

घरेलू उपचार

यदि आपके पित्त के पत्थर हैं और कोई लक्षण नहीं हैं, तो आप जीवन शैली में कुछ परिवर्तन कर सकते हैं। कुछ पोषक तत्वों की खुराक आप ले सकते हैं जिसमें विटामिन सी और लोहा शामिल हैं। एक समीक्षा में पाया गया कि विटामिन सी पित्त की पथरी के जोखिम को कम करता। इनकी उचित खुराक के बारे में आप अपने डॉक्टर से बात कर सकते हैं।

कुछ लोग एक पित्ताशय की थैली के फ्लश की सिफारिश करते हैं, जिसमें उपवास शामिल होता है और तब पित्त का पत्थर निकालने में मदद करने के लिए जैतून का तेल और नींबू का रस लेते हैं। इसका कोई सबूत नहीं है कि यह पूरी तरह से काम करता है, और यह पित्त की नली में भी फैल सकता है।

सर्जरी

आपके डॉक्टर आपको लेप्रोस्कोपिक प्रक्रिया से पित्ताशय की थैली को हटाने की सलाह दे सकते हैं। यह सामान्य सर्जरी होती है, इसमें सर्जन आम तौर पर पेट में 3 या 4 छोटे चीरे बनाते हैं, फिर एक छोटी, हल्की डिवाइस को किसी एक चीरें में से डालेंगे और अपने पित्ताशय की थैली को ध्यान से हटा देंगें।
आम तौर पर आप इस प्रक्रिया के दिन या एक दिन के बाद घर जा सकते हैं।

पित्ताशय की थैली हटाने के बाद आपको ढीले मल का अनुभव हो सकता है, इसकी कारण है पित्ताशय की थैली को हटाने से पित्त को यकृत से छोटी आंत में भेजने के लिए रीरूटिंग का होना। पित्त अब पित्ताशय की थैली के माध्यम से नहीं जाता है और यह कम केंद्रित होता। नतीजा एक रेचक प्रभाव होता है जो दस्त का कारण बनता है। इसका इलाज करने के लिए, कम वसा वाले आहार खाएं ताकि आपके पाचन में कम पित्त का इस्तेमाल हो।
 
पित्ताशय की थैली पत्थर के लिए लैप्रोस्कोपिक सर्जरी के उपचार के लाभ:

इस प्रक्रिया का मुख्य लाभ यही है कि यह न्यूनतम क्षति वाली सर्जरी है, मतलब इसमें "कम दर्द" और "तेज़ी रिकवरी" होती है।
इसमें सर्जरी के बाद चीरे का कोई दर्द नहीं होता है तो रिकवरी बहुत तेजी से होती है। इसके अलावा, पेट पर कोई निशान भी नहीं रहता है।
3 टिप्पणियाँ
Manish dhariwal
#1
Sep 23rd, 2019 2:31 pm
I had done my gallbladder surgery on23-08-2019, so can I do the gym or wait to lift now?
Maruti Chatterjee
#2
Oct 10th, 2019 12:53 pm
मेरी पत्नी के गाॅल ब्लेडर को रिमूव करने के बाद अपर एब्डमिन में किए गए छिद्र से मवाद निकलता था। चिकित्सक द्वारा बेटाडिन के गाॅज से मवाद सुखा दिया गया एन्टीबायोटिक्स भी दिए गए लेकिन घाव है कि सूखता ही नहीं है। पेट पर लाल लाल निशान पड़ने लगे है। भीतर ऐसा लगता है मानो कोई कांटा सा चुभ रहा है। इसके लिए सोनोग्राफी भी दो बार हो चुकी जिसमें सभी लक्षण सामान्य बताए गए। इतना होने के बावजूद मवाद बनना नहीं रुक रहा। क्या कारण हो सकते हैं और इसका निवारण क्या है।
Gurdeep
#3
Nov 4th, 2019 2:54 pm
पित्त की पथरी के आपरेशन के बाद भी पेट दर्द और जी मिचलाने का कारण क्या हो सकता है ।

It may be due to acidity. Please contact your surgeons who have performed the surgery.
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