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गर्भाशय की रसौली, बच्चेदानी में गांठ होने के लक्षण, कारण, इलाज व बचाव
Gyne Laparoscopic Surgery / Feb 22nd, 2020 1:12 pm     A+ | a-


इस Video में गर्भाशय की रसौली (बच्चेदानी में गांठ) के बारे में पूरी जानकारी दी गई है। इस Video में आप जानेंगे बच्चेदानी में गांठ होने के लक्षण, इसके मुख्य कारण, आधुनिक इलाज के विकल्प, लैप्रोस्कोपिक सर्जरी की भूमिका तथा इससे बचाव के उपाय। यह Video महिलाओं के लिए अत्यंत उपयोगी है जो गर्भाशय की रसौली से जुड़ी सही और विश्वसनीय चिकित्सा जानकारी चाहती हैं।

यूटराइन फाइब्रॉइड गर्भाशय का गैर कैंसरस ट्यूमर है। इसे गर्भाशय की रसौली भी कहा जाता है। गर्भाशय की मांसपेशियों में छोटी-छोटी गोलाकार गांठें बनती हैं, जो किसी महिला में कम बढ़ती हैं और किसी में ज्यादा। यह मटर के दाने के बराबर भी हो सकती हैं और किसी-किसी महिला में यह बढ़ कर फुटबॉल जैसा आकार भी ले सकती हैं। महिलाओं में गर्भाशय से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। किसी को अनियमित पीरियड्स की शिकायत है, तो किसी को अत्यधिक रक्तस्राव हो रहा है। वहीं, कुछ महिलाएं ऐसी हैं, जो गर्भाशय फाइब्रॉएड (रसौली) से जूझ रही हैं। हालांकि, इसका उपचार आसान है, लेकिन अनदेखी करने पर बांझपन जैसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। हैरानी की बात तो यह है कि अधिकतर महिलाओं को फाइब्रॉएड के बारे में पता ही नहीं है। फाइब्राइड उन युवतियों को अधिक होते हैं जो बड़ी उम्र तक अविवाहित रहती हैं। डॉक्टर्स का कहना है कि एक उम्र विशेष पर शरीर के भीतरी अंगों की अपनी जरूरत पनपती है और वह पूरी नहीं होती तो फाइब्राइड की समस्या जन्म लेती है। इसी से जुड़ा यह तथ्य है कि शरीर जब बच्चे को जन्म देने के लिए तैयार होने लगता है तब ढेर सारे हार्मोनल परिवर्तन होते हैं उन परिवर्तनों के अनुसार जब शरीर बच्चे को जन्म नहीं दे पाता है तो इस तरह की परेशानी सामने आती है। मायोमेक्टमी और हिस्टरेक्टमी दोनों ही लैप्रोस्कोपिक (छोटे सुराख से) तरीके से भी की जा सकती हैं। इस प्रक्रिया से सर्जरी करने के बाद ठीक होने का समय कम हो जाता है। लेकिन दोनों ही इनवेसिव तरीके तो हैं ही जिनमें एनैस्थिसिया और सर्जरी के बाद की कुछ जटिलताओं की संभावना हमेशा रहती है।

गर्भाशय की रसौली, जिसे चिकित्सकीय भाषा में यूटेराइन फाइब्रॉयड (Uterine Fibroid) कहा जाता है, महिलाओं में पाई जाने वाली एक आम समस्या है। यह रसौली प्रायः कैंसररहित (Benign) होती है, लेकिन कई मामलों में यह महिलाओं के दैनिक जीवन, मासिक धर्म और प्रजनन स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है। समय पर पहचान और सही इलाज से इस समस्या को प्रभावी रूप से नियंत्रित किया जा सकता है।

गर्भाशय की रसौली क्या है?

गर्भाशय की रसौली बच्चेदानी की मांसपेशियों से बनने वाली एक असामान्य गांठ होती है। यह एक या एक से अधिक हो सकती है और आकार में बहुत छोटी से लेकर बहुत बड़ी तक हो सकती है। कई बार यह बिना किसी लक्षण के भी मौजूद रहती है।

बच्चेदानी में गांठ होने के लक्षण

गर्भाशय की रसौली के लक्षण उसके आकार, संख्या और स्थान पर निर्भर करते हैं। सामान्य लक्षण निम्नलिखित हो सकते हैं:

अत्यधिक या लंबे समय तक मासिक धर्म आना

पीरियड्स के दौरान तेज दर्द या ऐंठन

पेट के निचले हिस्से में भारीपन या सूजन

बार-बार पेशाब आना

कब्ज की समस्या

कमर या पीठ दर्द

संभोग के दौरान दर्द

बार-बार गर्भपात या गर्भधारण में कठिनाई

कमजोरी या खून की कमी (एनीमिया)

गर्भाशय की रसौली होने के कारण

गर्भाशय की रसौली बनने के सटीक कारण अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हैं, लेकिन कुछ प्रमुख कारक इसके लिए जिम्मेदार माने जाते हैं:

हार्मोनल असंतुलन (एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन)

पारिवारिक इतिहास (जेनेटिक कारण)

मोटापा और असंतुलित जीवनशैली

देर से गर्भधारण या संतान न होना

जल्दी मासिक धर्म शुरू होना

तनाव और शारीरिक निष्क्रियता

गर्भाशय की रसौली का इलाज

इलाज का चुनाव रसौली के आकार, लक्षण, उम्र और भविष्य में गर्भधारण की इच्छा पर निर्भर करता है।

1. दवाओं द्वारा इलाज

हार्मोनल दवाएँ

दर्द निवारक दवाएँ

आयरन सप्लीमेंट (खून की कमी में)

2. न्यूनतम इनवेसिव सर्जरी

लैप्रोस्कोपिक मायोमेक्टॉमी (रसौली को हटाना)

हिस्टेरोस्कोपिक सर्जरी (छोटी रसौली के लिए)

3. उन्नत सर्जिकल विकल्प

रोबोटिक सर्जरी

हिस्टेरेक्टॉमी (अत्यधिक गंभीर मामलों में गर्भाशय निकालना)

आजकल लैप्रोस्कोपिक और रोबोटिक सर्जरी सुरक्षित, कम दर्द वाली और जल्दी रिकवरी देने वाली तकनीकें हैं।

गर्भाशय की रसौली से बचाव

हालाँकि रसौली को पूरी तरह रोकना संभव नहीं है, फिर भी कुछ उपायों से इसका खतरा कम किया जा सकता है:

संतुलित और पौष्टिक आहार लें

नियमित व्यायाम करें

वजन नियंत्रित रखें

तनाव से बचें

हार्मोनल दवाएँ डॉक्टर की सलाह से ही लें

नियमित स्त्री-रोग जांच कराएँ

निष्कर्ष

गर्भाशय की रसौली एक सामान्य लेकिन गंभीर हो सकने वाली समस्या है। सही समय पर पहचान, विशेषज्ञ सलाह और आधुनिक इलाज से महिलाएँ स्वस्थ और सामान्य जीवन जी सकती हैं। किसी भी असामान्य लक्षण को नजरअंदाज न करें और समय पर स्त्री रोग विशेषज्ञ से परामर्श लें।
2 COMMENTS
Shashi Kant Rai
#1
Apr 17th, 2020 3:56 am
An excellent, presentation, and Thanks for a clear and simple explanation! keep up the good work!
डॉ. फातिमा गुल
#2
Mar 15th, 2021 9:08 am
गर्भाशय की रसौली, बच्चेदानी में गांठ होने के लक्षण, कारण, इलाज व बचाव के इस अद्भुत वीडियो को साझा करने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद। यह वास्तव में बहुत ही इंटरस्टिंग और सूचनात्मक वीडियो प्रदर्शन है।
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