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दूरबीन सर्जरी द्वारा हर्निया का ऑपरेशन | लेप्रोस्कोपिक हर्निया की मरम्मत के लाभ क्या हैं?
General / Feb 1st, 2019 12:08 pm     A+ | a-


इस video में दूरबीन सर्जरी (Laparoscopic Surgery) द्वारा हर्निया ऑपरेशन की पूरी जानकारी दी गई है। इस educational video में आप जानेंगे कि लेप्रोस्कोपिक हर्निया रिपेयर क्या होता है, यह कैसे किया जाता है और इसके क्या-क्या फायदे होते हैं। इस video में कम दर्द, छोटा चीरा, जल्दी रिकवरी और कम हॉस्पिटल स्टे जैसे महत्वपूर्ण लाभों को विस्तार से समझाया गया है। यह video मरीजों, मेडिकल स्टूडेंट्स और सर्जरी में रुचि रखने वाले सभी लोगों के लिए उपयोगी है।

पेट की दीवार के विशेष हिस्से की मांसपेशियां कमजोर होने के कारण पेट के हिस्से बाहर निकल आते हैं, इसी स्थिति को हर्निया कहा जाता है। देश के कई बड़े अस्पतालों में इस पीड़ादायक बीमारी का बिना चीरे के, दूरबीन तकनीक (लैप्रोस्कोपिक) से सफलतापूर्वक ऑपरेशन किया जाता है।
हर्निया क्या है?

• एक हर्निया एक मजबूत टिश्यू में खाली जगह है जो मांसपेशियों को जोड़कर रखता है। हर्निया तब होता है जब पेट की मांसपेशियों के अंदर की परतें कमजोर हो जाती है, जिसके परिणामस्वरूप वह फट या फूल जाते हैं। जिस तरह एक भीतरी ट्यूब एक क्षतिग्रस्त टायर से बहार निकलती है, पेट की अंदरूनी परत पेट की दीवार के कमजोर क्षेत्र से एक थैली की तरह निकलती है। इससे आंत या पेट के टिश्यू थैली में जा सकते हैं। हर्निया से परेशानी, गंभीर दर्द, या अन्य संभावित गंभीर समस्याएं हो सकती हैं जिनमे आपातकालीन शल्य चिकित्सा की आवश्यकता हो सकती है।
• दोनों पुरुषों और महिलाओं को हर्निया हो सकता है।
• आप एक हर्निया (जन्मजात) के साथ पैदा हो सकते हैं या समय के साथ यह विकसित हो सकता है।
• एक हर्निया समय के साथ बेहतर नहीं होता है, और न ही यह अपने आप दूर होगा।  कोई व्यायाम या शारीरिक थेरेपी मौजूदा हर्निया को दूर नहीं कर सकते।

हर्निया एक आम सर्जिकल बीमारी है जिसमें पेट की मांसपेशियों की कमजोरी के कारण आंत या फैट बाहर की ओर उभर आता है। पहले इसका इलाज अधिकतर ओपन सर्जरी से किया जाता था, लेकिन आजकल लेप्रोस्कोपिक (दूरबीन) सर्जरी तेजी से लोकप्रिय हो रही है क्योंकि यह कम दर्द, तेज रिकवरी और बेहतर कॉस्मेटिक परिणाम देती है।

हर्निया क्या होता है?

हर्निया तब होता है जब शरीर के अंदर का कोई अंग (जैसे आंत) पेट की मांसपेशियों के कमजोर हिस्से से बाहर निकलने लगता है। यह ग्रोइन (इंगुइनल), नाभि (अम्बिलिकल), पेट के ऑपरेशन के बाद (इंसिशनल) या पेट की दीवार के अन्य हिस्सों में हो सकता है।

लेप्रोस्कोपिक हर्निया सर्जरी क्या है?

लेप्रोस्कोपिक सर्जरी में डॉक्टर पेट में छोटे-छोटे छेद करके कैमरा (लेप्रोस्कोप) और पतले उपकरण डालकर ऑपरेशन करते हैं। फिर कमजोर हिस्से पर मेश (जाली) लगाकर पेट की दीवार को मजबूत किया जाता है।

यह तकनीक कम चीरा, कम ब्लीडिंग और तेज रिकवरी के कारण मिनिमली इनवेसिव सर्जरी मानी जाती है।

लेप्रोस्कोपिक हर्निया सर्जरी के प्रमुख लाभ
1️⃣ कम दर्द और जल्दी आराम

लेप्रोस्कोपिक सर्जरी में टिश्यू डैमेज कम होता है, इसलिए ऑपरेशन के बाद दर्द कम रहता है।

कई स्टडी में पाया गया कि पोस्ट ऑप दर्द स्कोर ओपन सर्जरी से काफी कम था।

2️⃣ जल्दी रिकवरी और जल्दी सामान्य जीवन

मरीज जल्दी चल-फिर सकता है।

सामान्य कामकाज जल्दी शुरू हो जाते हैं।

कुछ अध्ययन में पाया गया कि हल्की गतिविधि शुरू करने का समय लगभग 8 दिन (लेप्रोस्कोपिक) बनाम 14 दिन (ओपन) था।

रोजमर्रा की गतिविधि शुरू करने का समय भी कम पाया गया (लगभग 9–10 दिन बनाम 16 दिन)।

3️⃣ अस्पताल में कम समय रुकना

कई रिसर्च में पाया गया कि लेप्रोस्कोपिक सर्जरी के बाद अस्पताल में रहने का समय कम होता है।

उदाहरण: 1.7 दिन बनाम 3.4 दिन (ओपन सर्जरी)।

मेटा-एनालिसिस में भी कम हॉस्पिटल स्टे पाया गया।

4️⃣ संक्रमण और जटिलताओं का कम खतरा

छोटे चीरे होने से घाव संक्रमण का खतरा कम रहता है।

कुछ डेटा में संक्रमण दर 3.5% (लेप्रोस्कोपिक) बनाम 8.1% (ओपन) बताई गई।

कई विश्लेषणों में कुल जटिलताएँ भी कम पाई गईं।

5️⃣ छोटे निशान और बेहतर कॉस्मेटिक परिणाम

छोटे कट लगते हैं

निशान कम दिखते हैं

युवा मरीजों में यह खास फायदा माना जाता है

6️⃣ दोनों तरफ के हर्निया एक साथ ठीक करने की सुविधा

लेप्रोस्कोपिक तकनीक से दोनों तरफ (बाइलैटरल) हर्निया एक साथ ठीक किया जा सकता है और छुपे हुए हर्निया भी देखे जा सकते हैं।

7️⃣ क्रोनिक दर्द का कम जोखिम

लेप्रोस्कोपिक तकनीक में नसों को कम नुकसान होता है जिससे लंबे समय तक रहने वाले दर्द (क्रोनिक पेन) का खतरा कम हो सकता है।

क्या हर्निया दोबारा हो सकता है?

अधिकतर स्टडी में लेप्रोस्कोपिक और ओपन दोनों में रीकरेन्स लगभग समान पाया गया।

कुछ अध्ययनों में थोड़ा फर्क दिखा लेकिन स्पष्ट निष्कर्ष नहीं है।

लेप्रोस्कोपिक हर्निया सर्जरी की संभावित सीमाएँ

✔ खर्च थोड़ा ज्यादा हो सकता है
✔ ऑपरेशन समय कभी-कभी ज्यादा होता है
✔ जनरल एनेस्थीसिया की जरूरत होती है
✔ कुछ दुर्लभ मामलों में आंत या ब्लैडर चोट का खतरा

(लेकिन ये जोखिम आमतौर पर कम होते हैं जब सर्जन अनुभवी हो)।

किन मरीजों में यह ज्यादा लाभदायक है?

दोनों तरफ हर्निया

पहले ऑपरेशन के बाद दोबारा हर्निया

जल्दी काम पर लौटना जरूरी हो

कम दर्द और अच्छा कॉस्मेटिक परिणाम चाहिए

भारत में ट्रेंड

मिनिमली इनवेसिव तकनीक जैसे TEP, TAPP आदि अब हर्निया सर्जरी में स्टैंडर्ड बनती जा रही हैं क्योंकि इनमें कम दर्द और तेज रिकवरी मिलती है।

निष्कर्ष

लेप्रोस्कोपिक हर्निया सर्जरी आधुनिक, सुरक्षित और मरीज-फ्रेंडली तकनीक है। इसके मुख्य लाभ हैं:

कम दर्द

जल्दी रिकवरी

कम संक्रमण

छोटे निशान

जल्दी काम पर वापसी

हालांकि सही तरीका मरीज की उम्र, हर्निया का प्रकार और सर्जन के अनुभव पर निर्भर करता है।
For more detail: https://www.laparoscopyhospital.com/
 
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