डॉक्टर्स टॉक की इस एपिसोड में हम हर्निया के बारे में डॉ। आर के मिश्रा से चर्चा कर रहें हैं।
हर्निया पेट की दीवार में एक दोष है जिसके द्वारा से आंतरिक अंग बाहर उभरने लगते हैं। हर्निया किसी भी लिंग या आयु वर्ग के किसी भी व्यक्ति में हो सकता है। कभी-कभी नवजात शिशुओं में भी हर्निया पाया जाता है जिसे कांगेनिटल हर्निया कहते है। हर साल भारत में हर्निया के 10 लाख से अधिक मामले देखे जाते हैं। इसका इलाज ओपन सर्जरी या लैप्रोस्कोपी द्वारा किया जा सकता है लेकिन लेप्रोस्कोपिक प्रक्रिया पारंपरिक ओपन सर्जरी की तुलना में कई फायदे प्रदान करती है।
हर्निया क्या है, इसके कारण और लेप्रोस्कोपी द्वारा इसका उपचार कैसे होता है?
हर्निया एक सामान्य लेकिन महत्वपूर्ण स्वास्थ्य समस्या है, जो शरीर में किसी अंग या ऊतक के सामान्य स्थान से बाहर निकलने के कारण होती है। अक्सर यह पेट की दीवार के कमजोर हिस्से से जुड़ा होता है, जहाँ आंत या पेट की अन्य ऊतक झुक कर बाहर निकल सकते हैं। हर्निया किसी भी उम्र में हो सकता है, लेकिन यह पुरुषों में अधिक पाया जाता है।
हर्निया के प्रकार
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इंग्विनल हर्निया (Inguinal Hernia) – यह सबसे आम प्रकार का हर्निया है, जो पेट के निचले हिस्से या जांघ में होता है।
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फेमोरल हर्निया (Femoral Hernia) – यह जांघ के ऊपरी हिस्से में होता है और महिलाओं में अधिक देखा जाता है।
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अंबिलिकल हर्निया (Umbilical Hernia) – यह नाभि के पास होता है और शिशुओं में भी पाया जा सकता है।
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इंसिजनल हर्निया (Incisional Hernia) – यह पहले की किसी सर्जरी के निशान पर विकसित होता है।
हर्निया के कारण
हर्निया के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें मुख्य हैं:
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पेट की दीवार में कमजोरी या जन्मजात दोष।
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भारी वजन उठाना या लगातार जोर लगाना।
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कब्ज या खांसी जैसी समस्याएँ जो पेट में दबाव बढ़ाती हैं।
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मोटापा और शारीरिक कमजोरी।
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उम्र बढ़ने के साथ मांसपेशियों का कमजोर होना।
लेप्रोस्कोपी द्वारा हर्निया का उपचार
World Laparoscopy Hospital में हर्निया का उपचार लेप्रोस्कोपी तकनीक द्वारा किया जाता है, जो आधुनिक और न्यूनतम दर्दनाक विधि है। लेप्रोस्कोपी एक प्रकार की मिनिमली इनवेसिव सर्जरी है, जिसमें पेट में छोटे चीरे करके एक विशेष कैमरा (लेप्रोस्कोप) और सर्जिकल उपकरणों के माध्यम से हर्निया का उपचार किया जाता है।
लेप्रोस्कोपी के फायदे:
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छोटे चीरे – सर्जरी के निशान छोटे और सौंदर्यपूर्ण होते हैं।
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कम दर्द – पारंपरिक ओपन सर्जरी की तुलना में दर्द कम होता है।
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जल्दी रिकवरी – मरीज जल्दी अपने सामान्य कार्यों में लौट सकते हैं।
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सभी प्रकार के हर्निया में प्रभावी – इंग्विनल, अंबिलिकल और इंसिजनल हर्निया में भी सफल परिणाम।
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कम संक्रमण का खतरा – छोटे चीरे होने के कारण संक्रमण की संभावना कम होती है।
सर्जरी की प्रक्रिया:
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मरीज को सामान्य या रीजनल एनेस्थीसिया दिया जाता है।
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पेट में छोटे चीरे किए जाते हैं और लेप्रोस्कोप डाला जाता है।
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हर्निया के बाहर निकले अंग को वापस अंदर रखा जाता है।
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कमजोर हिस्से को विशेष जाली (mesh) के माध्यम से मजबूत किया जाता है।
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चीरे को बंद कर दिया जाता है और मरीज को जल्दी ही डिस्चार्ज किया जा सकता है।
निष्कर्ष
हर्निया एक सामान्य लेकिन अनदेखा किया गया रोग है। इसके बढ़ने पर गंभीर जटिलताएँ हो सकती हैं। World Laparoscopy Hospital में लेप्रोस्कोपी तकनीक के माध्यम से हर्निया का सुरक्षित और प्रभावी उपचार संभव है। यह तकनीक मरीजों को कम दर्द, जल्दी रिकवरी और बेहतर जीवन गुणवत्ता प्रदान करती है। इसलिए हर्निया के लक्षण महसूस होने पर विशेषज्ञ से तुरंत सलाह लेना आवश्यक है।
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