लैप्रोस्कोपी के साथ एपेंडिसाइटिस उपचार का वीडियो देखें
इस वीडियो मे लॅपयरॉसकपिक सर्जरी अपेन्डिसाइटिस का लेप्रोस्कोपी से इलाज के बारे मे सारी जानकारी दी गयी है | क्या है अपेंडिक्स? अपेंडिक्स छोटी और बड़ी आंतों के बीच की कड़ी है, जो शहतूत के आकार की होती है। यह आंतों से बाहर की ओर निकली रहती है। पहले इसकी उपयोगियता या अनुपयोगियता के बारे में जानकारी नहीं थी। अक्सर चिकित्सक पेट दर्द होने पर अपेंडिक्स को हटा देने में ही भलाई समझते थे, इससे मरीजो को कोई समस्या नहीं आती है। फिर भी पूरी तरह परीक्षण किए बगैर मामूली से या अन्य किसी कारण से होने वाले पेटदर्द के निदान के लिए इस अवशेषी अंग को निकाल फेंकना गलत है।
अपेंडिक्स के कारणों में लम्बे समय तक कब्ज का रहना, पेट में पलने वाला परजीवी व आंतों के रोग इत्यादि से अपेंडिक्स की नाली में रुकावट आ जाती है। ऐसे भोजन का सेवन करना जिसमें फाइबर बहुत ही कम या बिल्कुल न हो, भी इस समस्या को निमंत्रण दे सकता है। जब यह अपेंडिक्स में लगातार रुकावट की स्थिति बनी रहे तो सूजन और संक्रमण के बाद यह फटने की स्थिति में हो जाती है। फटने पर यह पेट और रक्त में संक्रमण फैला सकता है। फिर तो यह बहुत ही भयावह हो सकता है।
वर्ल्ड लैप्रोस्कोपी हॉस्पिटल में लैप्रोस्कोपी द्वारा अपेंडिसाइटिस का इलाज
अपेंडिसाइटिस दुनिया भर में सबसे आम सर्जिकल इमरजेंसी में से एक है। यह तब होता है जब अपेंडिक्स में सूजन आ जाती है, जिससे पेट में तेज़ दर्द, बुखार, जी मिचलाना और पाचन संबंधी परेशानी होती है। अगर इसका तुरंत इलाज न किया जाए, तो अपेंडिक्स फट सकता है और गंभीर जटिलताएँ पैदा कर सकता है। आधुनिक सर्जिकल तकनीक में हुई प्रगति के साथ, अपेंडिसाइटिस के इलाज के लिए लैप्रोस्कोपिक सर्जरी पसंदीदा तरीका बन गई है। वर्ल्ड लैप्रोस्कोपी हॉस्पिटल में, लैप्रोस्कोपिक अपेंडेक्टॉमी उन्नत तकनीकों का उपयोग करके की जाती है, जो तेज़ी से ठीक होने, कम से कम दर्द और बेहतरीन सर्जिकल परिणामों को सुनिश्चित करती हैं।
लैप्रोस्कोपी, जिसे मिनिमल एक्सेस सर्जरी भी कहा जाता है, एक आधुनिक सर्जिकल तकनीक है जिसमें पेट में छोटे-छोटे चीरे लगाए जाते हैं ताकि एक कैमरा और विशेष सर्जिकल उपकरण डाले जा सकें। कैमरा मॉनिटर पर आंतरिक अंगों का बड़ा (मैग्नीफाइड) दृश्य दिखाता है, जिससे सर्जन बिना बड़े चीरे लगाए सटीक ऑपरेशन कर पाता है। यह तकनीक पारंपरिक ओपन सर्जरी की तुलना में ऊतकों को होने वाले नुकसान को काफी कम कर देती है। वर्ल्ड लैप्रोस्कोपी हॉस्पिटल में, अत्यधिक प्रशिक्षित सर्जन सूजन वाले अपेंडिक्स को सुरक्षित और कुशलता से निकालने के लिए अत्याधुनिक लैप्रोस्कोपिक उपकरणों का उपयोग करते हैं।
लैप्रोस्कोपिक अपेंडेक्टॉमी की प्रक्रिया आमतौर पर मरीज़ को जनरल एनेस्थीसिया (बेहोशी) देने के साथ शुरू होती है। सर्जन पेट में दो या तीन छोटे चीरे लगाता है। एक चीरे के माध्यम से एक लैप्रोस्कोप (कैमरे वाली एक पतली नली) डाला जाता है, जबकि अन्य सर्जिकल उपकरण बाकी छेदों (ports) के माध्यम से डाले जाते हैं। सर्जन हाई-डेफिनिशन स्क्रीन पर प्रक्रिया की निगरानी करते हुए सूजन वाले अपेंडिक्स को सावधानीपूर्वक पहचानता है और निकाल देता है। एक बार जब अपेंडिक्स निकल जाता है, तो उपकरणों को बाहर निकाल लिया जाता है और छोटे चीरों को टांकों से बंद कर दिया जाता है। क्योंकि चीरे बहुत छोटे होते हैं, इसलिए मरीज़ों को ऑपरेशन के बाद कम दर्द होता है और निशान भी बहुत कम पड़ते हैं।
अपेंडिसाइटिस के लैप्रोस्कोपिक इलाज का एक मुख्य फ़ायदा यह है कि मरीज़ बहुत जल्दी ठीक हो जाता है। ज़्यादातर मरीज़ सर्जरी के कुछ ही घंटों के भीतर चल-फिर सकते हैं और आमतौर पर एक दिन के भीतर उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी जाती है। ओपन सर्जरी की तुलना में संक्रमण का खतरा भी कम होता है, और मरीज़ अपनी सामान्य दैनिक गतिविधियों पर बहुत जल्द लौट सकते हैं। वर्ल्ड लैप्रोस्कोपी हॉस्पिटल में, मरीज़ की सुरक्षा और आराम हमारी सर्वोच्च प्राथमिकताएँ हैं, और हर प्रक्रिया अंतरराष्ट्रीय सर्जिकल मानकों का पालन करते हुए की जाती है।
उन्नत सर्जिकल देखभाल प्रदान करने के अलावा, वर्ल्ड लैप्रोस्कोपी हॉस्पिटल मिनिमली इनवेसिव तकनीकों में सर्जनों को प्रशिक्षित करने के लिए विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त है। कई देशों के सर्जन विशेषज्ञ मार्गदर्शन में लैप्रोस्कोपिक प्रक्रियाएँ, जिनमें लैप्रोस्कोपिक अपेंडेक्टॉमी भी शामिल है, सीखने के लिए इस अस्पताल में आते हैं। यह संस्थान मेडिकल शिक्षा, अनुसंधान और क्लिनिकल उत्कृष्टता का मेल है, जो इसे मिनिमल एक्सेस सर्जरी के लिए एक अग्रणी केंद्र बनाता है।
संक्षेप में, लैप्रोस्कोपिक सर्जरी ने अपेंडिसाइटिस के इलाज में क्रांति ला दी है, जिससे यह प्रक्रिया ज़्यादा सुरक्षित, कम दर्दनाक और ज़्यादा असरदार बन गई है। अपनी उन्नत तकनीक, अनुभवी सर्जनों और मरीज़ों की देखभाल के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के साथ, वर्ल्ड लैप्रोस्कोपी हॉस्पिटल लैप्रोस्कोपी का उपयोग करके अपेंडिसाइटिस के इलाज के लिए सबसे बेहतरीन माहौल में से एक प्रदान करता है। यह आधुनिक दृष्टिकोण न केवल मरीज़ों के इलाज के नतीजों को बेहतर बनाता है, बल्कि दुनिया भर में सर्जिकल इलाज के भविष्य का भी प्रतिनिधित्व करता है।
5 कमैंट्स
अतीक अहमद
#5
Sep 14th, 2020 1:32 pm
मैं लखनऊ में रहता हूँ और मेरे छोटे भाई को इस बीमारी का कल ही पता चला है, और मै बहुत ही टेन्स हूँ। आपका वीडियो मैंने देखा मैं बहुत ही प्रवाभित हु लकिन इसमें खर्चा कुछ अधिक हैं। इसमें आप कुछ रियायत कर दे तो आपका बहुत आभारी होगा। धन्यवाद।
अभिषेक सिंह
#4
Sep 14th, 2020 1:20 pm
वीडियो मे लॅपयरॉसकपिक सर्जरी अपेन्डिसाइटिस का लेप्रोस्कोपी से इलाज के बारे मेआप ने जो बताया है और लोगो में जो जानकारी साझा किया है, उसके लिए बहुत धन्यवाद, इसमें कितना तक का खर्च हो जाता है। मैं भी इस समस्या से झूझ रहा हूँ।
अभिमन्यु
#3
Sep 14th, 2020 6:01 am
सर मेरे अंकल को अपेंडिस की समस्या है कभी-कभी बहुत दर्द होता है मैं उनको आपकों दिखाना चाहता हूं| कृपया करके अपॉइंटमेंट लेने का तरीका बताएं धन्यवाद
किशन
#2
Sep 11th, 2020 12:15 pm
मेरा 2 साल पहले अपेंडिक्स की सर्जरी वर्ल्ड लेप्रोस्कॉपी हॉस्पिटल में हुई थी| और मै बिल्कुल फिट हूं मैं डॉक्टर मिश्रा और उनके स्टाफ का बहुत-बहुत धन्यवाद करना चाहता हूं
नरेंदर
#1
Sep 11th, 2020 12:09 pm
सर, अपेंडिक्स के बारे में इतना सरल और स्पष्ट रूप से बताने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद क्योंकि मैं भी इसी समस्या से पीड़ित हूं और अगले सप्ताह इसका ऑपरेशन करवाना है मुझे ऑपरेशन के बाद कितना समय लगेगा ठीक होने में |
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