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हर्निया का दूरबीन द्वारा सफल ऑपरेशन | शरीर के किसी भी सामान्य या असामान्य छेद से अंगों के बाहर निकलने को हर्निया कहते हैं। सामान्यत: हर्निया का मतलब उदर हर्निया यानी पेट के हर्निया से होता है जिसमें पेट की दीवार में छेद होने की वजह से आंतें पेट से निकलकर बाहर आ जाती हैं । हर्निया के कई प्रकार होते हैं जिनमें इंग्वाईनल हर्निया, इन्सीजनल हर्निया, अम्बलिकल हर्निया, एपीगेस्ट्रिक हर्निया, हायटस हर्निया और डाईफ्रेगमेटिक हर्निया प्रमुख हैं। हर्निया का उपचार सर्जरी है। ऑपरेशन में हर्निया के छेद को बंद किया जाता है व पेट की दीवार को ताकत दी जाती है जिसके लिए मेश (एक तरह की जाली जो अवशोषित न करने वाले पदार्थों से बनी होती है) का प्रयोग करते हैं।
यह सर्जरी दो तरीके से हो सकता है- चीरे व दूरबीन से। दोनों ही ऑपरेशन का उद्देश्य शरीर के बाहर निकले अंगों को वापस पेट में डालना व छेद को बंद करने के लिए मेश जाली लगाना है। हरनिया काफी आम बीमारी है और नवजात शिशु से लेकर वृद्धावस्था तक सभी को होने की संभावना होती है महिलाओं की अपेक्षा पुरुषों में यह बीमारी ज्यादा होती है जन्मजात खराबी, कोई पूर्व ऑपरेशन ,पेट में पानी भरना भारी, वजन उठाना ,=====लंबी खांसी होना, मोटापा अधिक होना आदि कारणों से हर्निया होता है इस बीमारी में पेट के भाग पर गांठ है या सूजन का अनुभव होता है और शुरू में यह खड़े होने पर खासNE में पर बढ़ती है और लेटने पर कम अथवा गायब हो जाती है तुरंत बाद में यह स्थाई रूप से बाहर उभरी हुई रहती है।
हरनिया के छेद से अंदर बाहर आते जाते आंतों के फंसने का डर होता है और अगर आते फस जाए तो इमरजेंसी हो सकती है आतों का खून का दौरा बंद होने के कारण आज सड सकती है और फट सकती है जिससे कि पेट खोलकर जटिल ऑपरेशन की जरूरत पड़ती है ।
वर्ल्ड लेप्रोस्कोपी हॉस्पिटल में डॉ. आर. के. मिश्रा द्वारा सफल लेप्रोस्कोपिक हर्निया सर्जरी
लेप्रोस्कोपिक हर्निया सर्जरी ने जनरल सर्जरी के क्षेत्र में क्रांति ला दी है, क्योंकि यह पारंपरिक ओपन सर्जरी प्रक्रियाओं की तुलना में एक कम चीर-फाड़ वाली (minimally invasive), सुरक्षित और अत्यधिक प्रभावी विकल्प प्रदान करती है। डॉ. आर. के. मिश्रा के विशेषज्ञ मार्गदर्शन में, वर्ल्ड लेप्रोस्कोपी हॉस्पिटल सफल लेप्रोस्कोपिक हर्निया रिपेयर करने में उत्कृष्टता के एक वैश्विक केंद्र के रूप में उभरा है, जो उन्नत तकनीक को असाधारण सर्जिकल विशेषज्ञता के साथ जोड़ता है।
हर्निया एक ऐसी स्थिति है जिसमें पेट की दीवार में किसी कमजोर जगह से कोई आंतरिक अंग या ऊतक बाहर निकल आता है; इसके निश्चित इलाज के लिए अक्सर सर्जिकल हस्तक्षेप की आवश्यकता होती है। पारंपरिक रूप से, ओपन सर्जरी में बड़े चीरे लगते थे, रिकवरी में लंबा समय लगता था, और सर्जरी के बाद असुविधा भी अधिक होती थी। हालाँकि, लेप्रोस्कोपिक हर्निया सर्जरी ने इस अनुभव को पूरी तरह बदल दिया है। छोटे 'कीहोल' (चाबी के छेद जैसे) चीरों का उपयोग करके, एक लेप्रोस्कोप (कैमरा) और विशेष उपकरण पेट के अंदर डाले जाते हैं, जिससे सर्जन सटीकता के साथ और कम से कम नुकसान पहुँचाए बिना उस दोष को ठीक कर पाता है।
वर्ल्ड लेप्रोस्कोपी हॉस्पिटल में, लेप्रोस्कोपिक हर्निया सर्जरी की सफलता का श्रेय काफी हद तक डॉ. आर. के. मिश्रा की विशेषज्ञता और अनुभव को जाता है; वे 'मिनिमल एक्सेस सर्जरी' (कम चीर-फाड़ वाली सर्जरी) के क्षेत्र में एक अग्रणी हैं और उन्हें 25 वर्षों से अधिक का अनुभव है। उन्होंने दुनिया भर में हजारों सर्जनों को प्रशिक्षित किया है और लेप्रोस्कोपिक तकनीकों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनका दृष्टिकोण रोगी की सुरक्षा, अंतरराष्ट्रीय सर्जिकल प्रोटोकॉल का पालन और निरंतर नवाचार पर जोर देता है।
यह प्रक्रिया आमतौर पर जनरल एनेस्थीसिया (बेहोशी की दवा) देने के साथ शुरू होती है, जिसके बाद पोर्ट लगाने के लिए छोटे चीरे लगाए जाते हैं। हर्निया की थैली (sac) की सावधानीपूर्वक पहचान की जाती है, और उसके अंदर मौजूद अंगों या ऊतकों को वापस पेट की गुहा (abdominal cavity) में भेज दिया जाता है। इसके बाद, उस दोषपूर्ण जगह के ऊपर एक कृत्रिम जाली (prosthetic mesh) लगाई जाती है और उसे सुरक्षित रूप से फिक्स कर दिया जाता है, ताकि वह कमजोर क्षेत्र मजबूत हो जाए। जाली पर आधारित यह मरम्मत (mesh-based repair) हर्निया के दोबारा होने के जोखिम को काफी कम कर देती है, साथ ही लंबे समय तक चलने वाली मजबूती भी सुनिश्चित करती है।
वर्ल्ड लेप्रोस्कोपी हॉस्पिटल में लेप्रोस्कोपिक हर्निया सर्जरी की सफलता के पीछे एक प्रमुख कारक उन्नत 'मिनिमल एक्सेस' तकनीकों को अपनाना है। ओपन सर्जरी की तुलना में, लेप्रोस्कोपिक तरीकों के परिणामस्वरूप सर्जरी के बाद कम दर्द होता है, निशान छोटे बनते हैं, अस्पताल में कम समय रुकना पड़ता है, और रिकवरी भी तेजी से होती है। मरीजों को अक्सर 24 घंटों के भीतर ही अस्पताल से छुट्टी दे दी जाती है और वे कुछ ही दिनों में अपनी सामान्य गतिविधियाँ फिर से शुरू कर सकते हैं, जिससे उनके जीवन की गुणवत्ता में काफी सुधार होता है।
इसके अलावा, यह अस्पताल अत्याधुनिक बुनियादी ढांचे से सुसज्जित है और 'रोगी-केंद्रित' दृष्टिकोण का पालन करता है। यहाँ न केवल सर्जिकल सफलता पर जोर दिया जाता है, बल्कि सर्जरी के बाद की व्यापक देखभाल पर भी पूरा ध्यान दिया जाता है, ताकि रोगी का घाव ठीक से भरे और उसे लंबे समय तक बेहतर परिणाम मिलें। मिनिमल एक्सेस सर्जरी में बेहतरीन काम करने की इस संस्थान की प्रतिबद्धता ने इसे दुनिया भर के मरीज़ों और सर्जनों के लिए एक पसंदीदा जगह बना दिया है।
संक्षेप में कहें तो, वर्ल्ड लैप्रोस्कोपी हॉस्पिटल में डॉ. आर. के. मिश्रा द्वारा की गई सफल लैप्रोस्कोपिक हर्निया सर्जरी, आधुनिक सर्जिकल तरीकों में हुई ज़बरदस्त प्रगति का एक बेहतरीन उदाहरण है। कौशल, नए तरीकों और मरीज़ों की देखभाल के प्रति समर्पण के मेल से, ये प्रक्रियाएँ सुरक्षित, असरदार और जीवन को बेहतर बनाने वाले नतीजे देती हैं। जैसे-जैसे मिनिमली इनवेसिव सर्जरी लगातार विकसित हो रही है, उत्कृष्टता के ऐसे केंद्र दुनिया भर में सर्जिकल स्वास्थ्य सेवा के भविष्य को आकार देने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
अतः समय रहते ऑपरेशन करवाना ही हार हरनिया का एकमात्र इलाज है।
6 कमैंट्स
Ravi Shankar dwivedi
#6
Feb 15th, 2024 6:06 pm
मुझे इंगाउनल हर्निया है लखनऊ में कहा कराए और कितना खर्च आएगा
Anil
#5
Jan 29th, 2024 2:40 am
मुझे यह जानना है की सर्जिकल हर्निया का दूरबीन से ऑपरेशन हो सकता है क्या
Rajeev Kumar kulshreshtha
#4
Jun 29th, 2023 12:51 pm
I am an enlarged male hernia patient since last 12-13years. I am almost socially alone. How can I manage my surgery. I am situated in Mathura.
जगदीश
#3
Feb 23rd, 2023 9:28 am
चौथे स्टेज का हर्नीया है । आपके अस्पताल का पता एवं फोन नम्बर । क्या आयुष्मान कार्ड लागू है ।
jagdish
#2
Feb 23rd, 2023 9:23 am
आपके होस्पीटल का एड्रेस । क्या आयुष्मान कार्ड लागू है ?
रजनीश
#1
Feb 9th, 2022 2:41 am
हर्निया
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