बांझपन का बांझपन का लेप्रोस्कोपिक तकनीक से बिना चीर-फाड़ से इलाज



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admin
2 months ago

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बांझपन का बांझपन का लेप्रोस्कोपिक तकनीक से बिना चीर-फाड़ से इलाज | महिलाओं में बांझपन के लक्षण इस वीडियो मे बांझपन का लेप्रोस्कोपी से इलाज एवं लॅपयरॉसकपिक सर्जरी के बारे मे सारी जानकारी दी गयी है | महिलाओं में बांझपन के लक्षण मासिकधर्म प्रारंभ होने के साथ ही दिखने लगते हैं. इन में से कईर् लक्षण ऐसे होते हैं, जिन्हें तुरंत पहचान कर उन का उपचार करा लिया जाए तो बहुत संभव है कि भविष्य में होने वाली बांझपन की आशंका से बचा जाए. अनियमित मासिकधर्म महिलाओं में मासिकधर्म की अनियमितता बांझपन का सब से प्रमुख कारण है. कईर् महिलाओं में संतुलित व पोषक भोजन के सेवन और नियमित ऐक्सरसाइज के द्वारा यह समस्या दूर हो जाती है, लेकिन कई महिलाओं को उपचार की आवश्यकता पड़ती है. मासिकचक्र से संबंधित निम्न अनियमितताएं हो सकती हैं: – 21 दिन से कम समय के अंतराल में पीरियड्स आना. – पीरियड्स के दौरान 2 दिन से भी कम समय तक ब्लीडिंग होना. – 2 पीरियड्स के बीच में ब्लीडिंग होना जिसे इंटरमैंस्ट्रुअल ब्लीडिंग कहते हैं. इसे स्पौटिंग भी कहते हैं. – 3 मासिकचक्र में पीरियड्स न आना. – पीरियड्स 35 दिन के अंतराल से अधिक समय में आना. – मासिकचक्र के दौरान अत्यधिक ब्लीडिंग होना. मासिकधर्म न आना कई महिलाओं में कभीकभी मासिकधर्म आता ही नहीं. इस का कारण अंडाशय या गर्भाशय की अनुपस्थिति होती है. यह समस्या जन्मजात हाती है, लेकिन इस के बारे में पता यौवनावस्था प्रारंभ होने पर लगता है. ऐसी महिलाएं कभी मां नहीं बन पाती हैं. हारमोन असंतुलन कभीकभी महिलाओं में बांझपन हारमोन समस्याओं से भी संबंधित होता है. इस मामले में निम्न लक्षण दिखाई दे सकते हैं: – त्वचा में परिवर्तन आ जाना, जिस में अत्यधिक मुंहासे होना सम्मिलित है. – सैक्स करने की इच्छा में परिवर्तन आ जाना. – होंठों, छाती और ठुड्डी पर बालों का विकास. – बालों का झड़ना या पतला होना. – वजन बढ़ना. – निप्पल से दूध जैसा सफेद डिस्चार्ज निकलना, जो स्तनपान से संबंधित नहीं होता है. – सैक्स के दौरान दर्द होना. – असामान्य मासिकचक्र. For more information please contact: World Laparoscopy Hospital Cyber City, Gurugram, NCR DELHI INDIA 122002 Phone & WhatsApp: +919811416838, + 91 9999677788