अपेन्डिसाइटिस का लेप्रोस्कोपी से इलाज
General / Feb 1st, 2019 7:55 am     A+ | a-


इस वीडियो मे लॅपयरॉसकपिक सर्जरी अपेन्डिसाइटिस का लेप्रोस्कोपी से इलाज के बारे मे सारी जानकारी दी गयी है | क्‍या है अपेंडिक्‍स? अपेंडिक्स छोटी और बड़ी आंतों के बीच की कड़ी है, जो शहतूत के आकार की होती है। यह आंतों से बाहर की ओर निकली रहती है। पहले इसकी उपयोगियता या अनुपयोगियता के बारे में जानकारी नहीं थी। अक्सर चिकित्सक पेट दर्द होने पर अपेंडिक्स को हटा देने में ही भलाई समझते थे, इससे मरीजो को कोई समस्या नहीं आती है। फिर भी पूरी तरह परीक्षण किए बगैर मामूली से या अन्य किसी कारण से होने वाले पेटदर्द के निदान के लिए इस अवशेषी अंग को निकाल फेंकना गलत है।

अपेंडिक्‍स के कारण
अपेंडिक्‍स के कारणों में लम्बे समय तक कब्ज का रहना, पेट में पलने वाला परजीवी व आंतों के रोग इत्यादि से अपेंडिक्स की नाली में रुकावट आ जाती है। ऐसे भोजन का सेवन करना जिसमें फाइबर बहुत ही कम या बिल्कुल न हो, भी इस समस्या को निमंत्रण दे सकता है। जब यह अपेंडिक्स में लगातार रुकावट की स्थिति बनी रहे तो सूजन और संक्रमण के बाद यह फटने की स्थिति में हो जाती है। फटने पर यह पेट और रक्‍त में संक्रमण फैला सकता है। फिर तो यह बहुत ही भयावह हो सकता है।

अपेन्डिसाइटिस क्या है?

अपेन्डिसाइटिस पेट के दाहिने निचले हिस्से में स्थित एक छोटी थैलीनुमा संरचना (अपेन्डिक्स) की सूजन को कहते हैं। यह समस्या अचानक हो सकती है और समय पर इलाज न मिलने पर अपेन्डिक्स फटने (रप्चर) का खतरा रहता है, जिससे गंभीर संक्रमण हो सकता है।

अपेन्डिसाइटिस के लक्षण

  • नाभि के आसपास या दाहिने निचले पेट में तेज दर्द

  • मतली और उल्टी

  • बुखार

  • भूख न लगना

  • पेट में सूजन या गैस

  • चलने, खांसने या हिलने पर दर्द बढ़ना

लेप्रोस्कोपी क्या है?

लेप्रोस्कोपी एक आधुनिक, न्यूनतम इनवेसिव (Minimal Access) सर्जरी तकनीक है। इसमें पेट पर बड़े चीरे लगाने की बजाय 2–3 छोटे छेदों से कैमरा और विशेष उपकरण डालकर सर्जरी की जाती है।

लेप्रोस्कोपी से अपेन्डिसाइटिस का इलाज कैसे किया जाता है?

लेप्रोस्कोपिक अपेंडेक्टॉमी में:

  1. पेट में छोटे-छोटे चीरे लगाए जाते हैं।

  2. एक हाई-रिज़ॉल्यूशन कैमरा अंदर डालकर अपेन्डिक्स को स्पष्ट देखा जाता है।

  3. सूजे हुए अपेन्डिक्स को सुरक्षित तरीके से हटाया जाता है।

  4. चीरे छोटे होने के कारण टांके भी कम लगते हैं।

​​लेप्रोस्कोपी से इलाज के फायदे

  • कम दर्द और कम रक्तस्राव

  • जल्दी रिकवरी और कम अस्पताल में रहने की जरूरत

  • संक्रमण का खतरा कम

  • छोटे निशान (कॉस्मेटिक लाभ)

  • जल्दी सामान्य जीवन में वापसी

किसे लेप्रोस्कोपी सर्जरी करानी चाहिए?

  • तीव्र (Acute) अपेन्डिसाइटिस के मरीज

  • बार-बार होने वाले दर्द वाले क्रॉनिक अपेन्डिसाइटिस के मरीज

  • ऐसे मरीज जो जल्दी काम पर लौटना चाहते हैं

(हालांकि, कुछ जटिल मामलों में डॉक्टर खुली सर्जरी की सलाह भी दे सकते हैं।)

सर्जरी के बाद देखभाल

  • डॉक्टर द्वारा दी गई दवाएं समय पर लें

  • 1–2 दिन में हल्का चलना शुरू करें

  • 1–2 हफ्तों तक भारी काम से बचें

  • टांकों की सफाई का ध्यान रखें

  • बुखार या तेज दर्द होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें

निष्कर्ष

अपेन्डिसाइटिस का लेप्रोस्कोपी से इलाज आज के समय में सुरक्षित, प्रभावी और मरीज के लिए आरामदायक विकल्प है। समय पर सही निदान और अनुभवी सर्जन द्वारा की गई लेप्रोस्कोपिक सर्जरी से मरीज जल्दी स्वस्थ होकर सामान्य जीवन जी सकता है।

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