एकेलेसिआ कार्डीया ऐसी स्थिति है जिसमें भोजन नली और पेट के बीच स्थित वाल्व जैसी मांसपेशी सामान्य रूप से खुल नहीं पाती। परिणामस्वरूप खाना और तरल पदार्थ भोजन नली में रुकने लगते हैं और मरीज को धीरे-धीरे निगलने में परेशानी महसूस होने लगती है। कई मरीज शुरुआत में इसे गैस, एसिडिटी या सामान्य पाचन समस्या समझते हैं, लेकिन लगातार निगलने में कठिनाई होने पर उचित जांच कराना आवश्यक है।
इस बीमारी में मरीज को ठोस भोजन के साथ-साथ पानी या तरल पदार्थ निगलने में भी कठिनाई हो सकती है। कुछ मरीजों में खाना खाने के बाद भोजन वापस मुंह में आ सकता है, रात में खांसी या घुटन हो सकती है, सीने में दर्द या दबाव महसूस हो सकता है और लंबे समय तक बीमारी रहने पर वजन भी कम हो सकता है। बीमारी की पुष्टि के लिए विशेषज्ञ द्वारा विस्तृत जांच की जाती है।
आधुनिक सर्जिकल उपचार में लैप्रोस्कोपिक हेलर मायोटॉमी एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। इसे दूरबीन तकनीक द्वारा छोटे चीरे से किया जाता है। सर्जन लैप्रोस्कोप की सहायता से भोजन नली के निचले हिस्से और पेट के प्रवेश क्षेत्र को स्पष्ट रूप से देखता है तथा LES की मांसपेशियों को नियंत्रित तरीके से काटता है। इसका मुख्य उद्देश्य उस असामान्य मांसपेशीय दबाव को कम करना है, जिसके कारण भोजन पेट में आसानी से नहीं पहुंच पाता।
प्रक्रिया के दौरान सर्जिकल एनाटॉमी की अच्छी समझ, सटीक डिसेक्शन और मांसपेशियों की उचित मायोटॉमी अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। कई मामलों में मायोटॉमी के साथ एंटी-रिफ्लक्स प्रक्रिया पर भी विचार किया जाता है ताकि बाद में एसिड रिफ्लक्स की समस्या को कम करने में सहायता मिल सके।
Achalasia Cardia के मरीज के लिए उपचार केवल ऑपरेशन तक सीमित नहीं होता। बीमारी की सही पहचान, Achalasia के प्रकार का मूल्यांकन, उचित प्री-ऑपरेटिव जांच, मरीज की पोषण संबंधी स्थिति और ऑपरेशन के बाद आहार संबंधी सलाह भी उपचार का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। कुछ मरीजों में अन्य उपचार विकल्प भी उपलब्ध हो सकते हैं, इसलिए उपचार का निर्णय विशेषज्ञ द्वारा व्यक्तिगत स्थिति के आधार पर किया जाना चाहिए।
लैप्रोस्कोपिक उपचार का लक्ष्य मरीज की निगलने की क्षमता को बेहतर बनाना, भोजन के रास्ते में रुकावट कम करना और दैनिक जीवन की गुणवत्ता में सुधार करना है। यदि आपको लगातार खाना निगलने में कठिनाई हो रही है या भोजन बार-बार वापस आ रहा है, तो गैस या एसिडिटी की दवा लेते रहने के बजाय गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट या अनुभवी मिनिमल एक्सेस सर्जन से उचित मूल्यांकन करवाना महत्वपूर्ण है।