कैंसर के उपचार में चिकित्सा विज्ञान लगातार नई और उन्नत तकनीकों का उपयोग कर रहा है, जिनमें लेप्रोस्कोपिक सर्जरी एक महत्वपूर्ण स्थान रखती है। इसे मिनिमली इनवेसिव सर्जरी भी कहा जाता है क्योंकि इसमें पारंपरिक ओपन सर्जरी की तुलना में छोटे चीरों के माध्यम से ऑपरेशन किया जाता है। विशेष कैमरा, जिसे लैप्रोस्कोप कहा जाता है, शरीर के अंदर की संरचनाओं को स्क्रीन पर दिखाता है और सर्जन विशेष उपकरणों की सहायता से आवश्यक सर्जरी करते हैं।
कैंसर की सर्जरी में मुख्य उद्देश्य ट्यूमर या कैंसरग्रस्त ऊतक को सुरक्षित और उचित सर्जिकल सिद्धांतों के अनुसार हटाना होता है। कुछ कैंसरों और उचित मरीजों में लेप्रोस्कोपिक तकनीक इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए प्रभावी विकल्प हो सकती है। पेट, आंत, कोलन, स्त्री रोग संबंधी अंगों तथा अन्य चयनित क्षेत्रों की सर्जरी में मिनिमली इनवेसिव तकनीकों का उपयोग विशेषज्ञ परिस्थितियों में किया जाता है।
इस तकनीक के संभावित लाभों में छोटे निशान, ऑपरेशन के बाद कम दर्द, कम रक्तस्राव, अस्पताल में कम समय तक रहने की आवश्यकता और तेजी से रिकवरी शामिल हो सकती है। मरीज की बेहतर और तेज रिकवरी आगे की आवश्यक कैंसर चिकित्सा, जैसे कीमोथेरेपी या अन्य उपचारों की योजना बनाने में भी सहायक हो सकती है।
यह समझना महत्वपूर्ण है कि कैंसर का उपचार हमेशा व्यक्तिगत योजना के अनुसार किया जाना चाहिए। सभी मरीजों के लिए एक ही प्रकार की सर्जरी उपयुक्त नहीं होती। विशेषज्ञ डॉक्टर कैंसर की अवस्था, ट्यूमर की स्थिति और मरीज की स्वास्थ्य स्थिति का मूल्यांकन करने के बाद ओपन, लेप्रोस्कोपिक या रोबोटिक सर्जरी सहित सबसे उचित उपचार विकल्प का चयन करते हैं।